सिर्फ आदमी ही नहीं , रिश्ते भी आए हैं इस महामारी की जद में संवेदनाओं को भी डसा है इसने । जो पता नहीं थे भी… या महज भ्रम का मायाजाल ही था वो सब कुछ जिसे रिश्तों के खूबसूरत नाम से परिभाषित करते रहे हम, शायद ऐसा ही हो कुछ – कुछ , कही […]
सिर्फ आदमी ही नहीं , रिश्ते भी आए हैं इस महामारी की जद में संवेदनाओं को भी डसा है इसने । जो पता नहीं थे भी… या महज भ्रम का मायाजाल ही था वो सब कुछ जिसे रिश्तों के खूबसूरत नाम से परिभाषित करते रहे हम, शायद ऐसा ही हो कुछ – कुछ , कही […]